UPDATE CHANDAULI NEWS: चंदौली की चकिया पुलिस ने ठगी गैंग के 7 सदस्यों को गिरफ़्तार किया है। अभियुक्तों में महिलाएं भी शामिल है। करीब 16 लाख रुपए भी बरामद किया गया।
यूपी की चंदौली पुलिस को अपराध व अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में एक बड़ी सफलता मिला है। महज 12 घंटे के अंदर जिले की चकिया कोतवाली पुलिस ने अन्तर्राज्यीय धोखाधड़ी व ठगी गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। कुल 7 अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनके कब्जे से 15.80 लाख रुपये बरामदगी हुई है। आपको बता दें कि गिरफ़्तार अभियुक्तों में महिलाएं भी शामिल है जो आम नागरिकों को आसानी से झांसा देकर वारदातों को अंजाम देती थी। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
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Chandauli news: फर्जी सीओ और एसओ ।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के अनुसार बीते 23 अप्रैल को चकिया क्षेत्र के ग्राम सभा बरहुवां स्थित शशि ज्वैलर्स के संचालक शशि प्रकाश वर्मा के साथ एक संगठित गिरोह द्वारा सुनियोजित तरीके से ठगी की अंजाम दिया गया था। शातिरों ने पहले असली सोने के छोटे दाने बेचकर पीड़ित का विश्वास जीता। इसके बाद 100 ग्राम से अधिक सोना देने का प्रलोभन देकर 16 लाख प्राप्त कर लिए। लेन-देन के बाद जब पीड़ित ने पोटली खोली, तो उसमें सोने की जगह नकली चमकदार गुरिया (धातु के टुकड़े) पाए गए। घटना के बाद सभी शातिर मौके से फरार हो गए। जिसके बाद पीड़ित ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की।
ठगी गिरोह के 7 सदस्य गिरफ़्तार
चकिया पुलिस अभियुक्तों की धड़-पकड़ में जुटी हुई थी। इसी बीच पुलिस टीम ने मुखबीर की सूचना पर कार्यवाही करते हुए ठगी करने वाले 7 शातिर अभियुक्तों व अभियुक्ताओं को ग्राम सभा बेलावर पहाडी के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से ठगी के 15.80 लाख रुपए बरामद किए गए।
एएसपी ने किया खुलासा
मामले का खुलासा करते हुए एएसपी अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि महज 12 घंटे के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। गिरफ़्तार अभियुक्तों के नाम गोविंद प्रधान, विष्णु प्रधान, दुखबन्धु पटरा, संतोषी प्रधान, कंचन प्रधान, संतोषी प्रधान (2) और बोधई प्रधान है। एएसपी ने बताया कि सभी उड़ीसा राज्य निवासी है।
पूछताछ में खोले राज़
पुलिस के अनुसार पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया गया कि उन लोगों का एक संगठित घुमंतू व खानाबदोश गिरोह है। (जो स्वंय को उड़ीसा के सोने के खदान में पूर्व में काम करने वाला बताते है, जो वर्तमान समय में पेशे से मदारी बनकर घूमते रहते है।) जो विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को सोना या अन्य कीमती धातु देने का झांसा देता था। पहले छोटे स्तर पर असली सामान देकर विश्वास अर्जित करते थे, फिर बड़ी रकम लेकर नकली सामग्री देकर फरार हो जाते थे। घटना के बाद ये गिरोह स्थान बदलकर अन्य क्षेत्रों में इसी प्रकार की वारदात को अंजाम देता था। बहरहाल, एएसपी ने बताया कि आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।



