UPDATE CHANDAULI NEWS: जेएस पब्लिक स्कूल में 12वां वार्षिकोत्सव "उड़ान" धूमधाम से मनाया गया। आपको बता दें कि जेएस पब्लिक स्कूल, जनपद में अपने शिक्षा अनुशासन व संस्कार के लिए जाना जाता है।
चंदौली के कासिमपुर (बबुरी) स्थित जेएस पब्लिक स्कूल के प्रांगण में विद्यालय का 12वां वार्षिकोत्सव “उड़ान” बड़े ही धूमधाम वह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बताते चलें कि यह जेएस पब्लिक स्कूल, जनपद में अपने शिक्षा अनुशासन व संस्कार के लिए जाना जाता है। इस वर्ष के उत्सव में ज्ञान संस्कार और सृजन का संगम देखने को मिला।
जेएस पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव
इस वर्ष की मुख्य अतिथि डॉक्टर चंदन हलधर रहीं। जो एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक होने के साथ-साथ बीएचयू विज्ञान संस्थान की निदेशिका रह चुकी है। जो यूके, नीदरलैंड, फ्रांस आदि देशों में रहते हुए भी अपने मातृभूमि से सदैव जुड़ी रही। मुख्य अतिथि का स्वागत विद्यालय के एमडी और प्रधानाचार्य रजनीश सिंह द्वारा बुके व अंग वस्त्र देकर किया गया। तत्पश्चात मां शारदा के चरणों में पुष्पमाला अर्पित कर व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। साथ ही मुख्य अतिथि के रूप में संरक्षक डॉक्टर विद्यभूषण सिंह, डायरेक्टर व प्रिंसिपल और विद्यालय कमेटी के सदस्य राणा प्रताप सिंह के साथ संरक्षिका श्रीमती शशि बाला भी मौजूद रही।
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बच्चों ने पेश किया विभिन्न कार्यक्रम
तत्पश्चात बच्चों ने अपने विभिन्न कार्यक्रमों जैसे- श्री गणेश वंदना, वेलकम डांस, जागो कृष्णा कन्हैया, हल्ला बोल, मेरा मेरा वाला डांस, ओमकारा योग बेस्ड, कॉमेडी मेडली, पापा जल्दी आ जाना, माइम एक्ट (मूक अभिनय), सरकार, राजस्थानी डांस, उत्तर प्रदेश वाला ठुमका, मराठी डांस, महाभारत एक्ट, सेव ट्री, जेएस स्पेशल, कजरी व अंत में पंजाबी डांस आदि ने लोगों के मन को मोह लिए।
कहते हैं जिनके आगमन से महफिल की शोभा बढ़ जाती है ऐसे अपने अतिथियों व अभिभावको का बच्चों ने अपने गीत के माध्यम से स्वागत किया। क्योंकि अपनी भारतीय संस्कृति और परंपरा यहीं रही है। अतिथियों को देव के स्वरूप माना जाता है। यह स्वागत गीत खुशी और उल्लास के साथ भारतीय संस्कृति परंपरा का भी निर्वहन करती है। प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों ने लोगों में उत्साह जोश की लहर पैदा कर दी। लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट उनके हौसले बुलंद कर रही थी।
बच्चों को दिया शुभकामनाएं
तत्पश्चात विद्यालय के चेयरमैन सर डॉक्टर विधुभूषण सिंह ने अपने विद्यालय वृत्त प्रस्तुत करते हुए बच्चों को ढेर सारी शुभकामनाएं दिए। वह आशीर्वाद देकर उनमें ऊर्जा और जोश-उत्साह भरने का प्रयास किए।
मुख्य अतिथि डॉ0 चन्दना हलधर ने अपने उद्बोधन मे हरिवंशराय बच्चन जी की पंक्तियों को दुहराते हुए बच्चों को अपने सारगर्भित स्पीच देकर बच्चों मे जोश भरते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
मूक अभिनय किया पेश
मुख्य अतिथि के उद्बोधन के बाद माइम एक्ट (मूक अभिनय) की प्रस्तुति जिसे मुंह से बिना बोले केवल शारीरिक व सांकेतिक प्रदर्शन के माध्यम से किया जाता है, बच्चों ने बिना बोले केवल अपने अभिनव संकेतों के माध्यम से समाज को अनेक संदेश दिए। कहते हैं कि यह देश 1947 से ही आजाद हो चुका है परंतु हमारी माताओं और बहनों को आज भी वह पूरी आजादी नहीं मिल पाई । अतः इन माताओं और बहनों को स्वयं जागरूक होकर अपने उत्थान के लिए सरकार के साथ मिलकर अपने उस स्वतंत्रता को प्राप्त करना होगा। इस माइम एक्ट में यही दिखाया गया कि किस प्रकार से समाज से पीड़ित लड़की अपने स्वाभिमान को जगाते हुए अपने अंदर उत्साह और जोश भरकर समाज का विरोध करती है और देश पर मर मिटने के लिए तैयार हो जाती है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा करते हुए सबका आभार प्रदर्शन करते हुए कहा गया यह विद्यालय केवल ईट, बालू, सीमेंट से बना भवन ही नही है बल्कि यह मा सरस्वती का पावन स्थल है जहां शिक्षको के आशीर्वाद के सहारे नन्हे मुन्हे अबोध बालको को तराशकर देश की भावी पीढी को सवारा व सजोया जाता है। उनके शारीरिक संवर्धन के साथ शैक्षणिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक ज्ञान का भी संवर्धन किया जाता है।







