UPDATE CHANDAULI NEWS: चंदौली में 26 कीटनाशक दुकानों पर छापेमारी कर 8 नमूना लिया गया है। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर 10 विक्रेताओं को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया।
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर जनपद में नकली और प्रतिबंधित कीटनाशकों की बिक्री रोकने के लिए कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के आदेश पर गठित तीन अलग-अलग टीमों ने बुधवार को जनपद की तीन तहसीलों में संचालित 26 कीटनाशक प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने पर 10 विक्रेताओं को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया, जबकि जांच के लिए 8 कीटनाशकों के नमूने (सैंपल) सील किए गए।
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क्या है अभियान की वजह ?
जिला कृषि रक्षा अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि अपर मुख्य सचिव (कृषि) व जिलाधिकारी के आदेशानुसार जनपद के किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि रक्षा रसायन उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान चलाया गया। इसके लिए तीन टीमें गठित की गई थीं।
इन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई
सकलडीहा तहसील: उप कृषि निदेशक (कीटनाशी निरीक्षक) के नेतृत्व में।
सदर तहसील: जिला कृषि रक्षा अधिकारी के नेतृत्व में।
चकिया तहसील: वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-A (कृषि रक्षा) के नेतृत्व में।
10 प्रतिष्ठानों को नोटिस
कीटनाशी अधिनियम1968 का उल्लंघन करने और मानकों की अनदेखी पर जिन 10 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है, जिसमे मेसर्स ओम बीज भंडार, संदीप बीज भंडार, आर.एन. बीज भंडार, कृषक बीज भंडार, कृष्ण बीज भंडार, हरि बीज भंडार, चकिया किसान बीज भंडार, न्यू कृषि सेवा केंद्र चकिया, किसान सेवा केंद्र नौबतपुर और मेसर्स कांता किसान सेवा सेंटर सैयदराजा शामिल है।
अधिकारी का शख्त चेतावनी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने जनपद के सभी कीटनाशक विक्रेताओं को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट (PC) अथॉरिटी के रसायनों का क्रय-विक्रय करने वालों के खिलाफ कीटनाशी अधिनियम 1968 के तहत सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई विक्रेता नए रसायनों की बिक्री करना चाहता है, तो उसे संबंधित कंपनी से पीसी अथॉरिटी लेटर लेना अनिवार्य होगा।
सभी विक्रेता IPMS पोर्टल पर अपने स्टॉक की जानकारी तत्काल फीड करें। शासन की मंशा के अनुरूप सभी दुकानदार अपने लाइसेंस को प्रतिष्ठान में साफ तौर पर प्रदर्शित (डिस्प्ले) करें। बड़ा प्रतिबंधित या एक्सपायर हो चुके रसायनों के लिए दुकान में एक अलग 'एक्सपायरी कॉर्नर' बनाना अनिवार्य है। किसानों को हर खरीद पर कैश मेमो (पक्का बिल) जरूर जारी करें। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।





