UPDATE CHANDAULI NEWS: चंदौली स्थित एशिया के सबसे बड़ी कोल मंडी चंधासी के पास स्थित सिक्स लेन में रोजाना सैकड़ों से भी ज्यादा ट्रकें खड़ी रहती है। क्या यहां कोई पार्किंग की व्यवस्था है ? अगर नही, तो इन ट्रकों पर कार्रवाई क्यों नही होती ?
यूपी के जनपद चंदौली का एक ऐसा सड़क, जहां रोजाना सैकड़ों से भी ज्यादा ट्रकें खड़ी रहती है। धूल तथा गंदगी भरा माहौल और कोहरे के इस मौसम में हादसों को न्योता देता नज़ारा, जो आपको सोच में डाल सकता है। जी हां, हम बात कर रहें है एशिया के सबसे बड़े कोल मंडी चंधासी की। यहां सिक्स लेन किनारे रोजाना सैकड़ों से अधिक ट्रकें खड़ी रहती है। पर प्रशासन द्वारा कोई भी कार्रवाई नही की जाती। क्यों कि अभी कोहरे का मौसम है, तो सड़क किनारे खड़ी इन ट्रकों से टकरा कर कोई भी बड़ा हादसा भी हो सकता है।
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चंधासी कोल मंडी और ट्रकों का कतार
चंदौली जिले के मुग़लसराय में स्थित चंधासी कोयला मंडी को एशिया की सबसे बड़ी कोयला मंडी के रूप में जाना जाता है। यह कोल मंडी, कोयले के व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है जो हज़ारों मजदूरों को रोजगार देती है। कोयले को लाने और ले जाने के लिए ट्रकों का प्रयोग किया जाता है। अक्सर सैकड़ों से भी ज्यादा ट्रकों को जीटी रोड किनारे खड़ा देखा जा सकता है, जिससे आवागमन काफी हद तक प्रभवित होती है। साथ मे यहां लगातार भीषण जहरीले धूल उड़ता है, जो किसी को भी बीमार करने के लिए पर्याप्त है। पहले यहां फोर लेन हुआ करता था, जिसे विस्तार कर अब सिक्स लेन बना दिया गया है। बावजूद इसके, स्थिति में कोई बदलाव नही हुआ है।
इन ट्रकों पर कार्रवाई क्यों नही
चंधासी कोयला मंडी से सटे सिक्स लेन में हर रोज़ सैकड़ों ट्रकें खड़ी रहती है। क्या यहां प्रशासन द्वारा ट्रकों के लिए पार्किंग व्यवस्था की गई है ? अगर नही, तो फिर इन ट्रकों पर कार्रवाई क्यों नही होती ? चालान के नाम पर जिले की यातायात पुलिस द्वारा रोजाना लाखों रुपये का चालान कर जुर्माना अधिरोपित किया जाता है। अब सवाल ये है कि यातायात पुलिस का इन ट्रकों पर नज़र क्यों नही पड़ती ?
भीषण धूल से बीमारी और हादसों का खतरा
शुरू से ही चंधासी कोयला मंडी आम लोगों के लिए आफत बना हुआ है। अगर आपको टू-व्हीलर वाहन से वाराणसी जाना हो तो फूल प्रोटेक्शन के साथ जाना पड़ेगा, नही तो चंधासी कोल मंडी क्रॉस करते ही आप काले पड़ जाएंगे। साथ ही भीषण धूल आपको बीमार भी कर सकता है। क्यों कि अभी कोहरे का मौसम है, इसलिए सड़क किनारे खड़ी ये ट्रकें हादसों को भी दावत दे रहा। यहां पहले भी खड़ी ट्रकों से टकरा कर कई मौतें हो चुकी है। बावजूद जिसके प्रशासन का रवैया निराशाजनक देखने को मिल रहा।
क्या कहते है अधिकारी ?
इस संबंध में सीओ यातायात कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक डिपो में ही ट्रकें खड़ा करे इसके लिए उनको जागरूक किया जाएगा तथा यातायात नियमों की अनदेखी पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।






