UPDATE CHANDAULI NEWS: चंदौली पुलिस द्वारा पाबंदी पोर्टल लागू किया गया है। संवेदनशील मामलों व न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की उद्देश्य से उक्त पोर्टल को लागू किया गया है।
उत्तरप्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण द्वारा दिए गए निर्देशों की प्राथमिकता के अन्तर्गत, ज़िला स्तर पर कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने और निवारक पुलिस कार्रवाई की प्रभावी निगरानी सुनिश्चिय करने की उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा "पाबंदी पोर्टल" लागू किया है।
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क्या है पाबंदी पोर्टल ?
पाबंदी पोर्टल, भारतीय नागरिक सुक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 135 (पहले CrPC की धारा 107/1 16) के तहत दर्ज मामलों की निरंतर निगरानी के लिए एक तकनीकी-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। पाबंदी पोर्टल का इस्तेमाल संपत्ति विवाद, सार्वजनिक शंति भंग, महिलाओं से जुड़े विवादों, सांप्रदायिक तनाव और चुनाव से संबंधित दुशमनी जैसे संवेदनशील मामलों में की गई निवारक कार्रवाई की निगरानी के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।
पाबंदी पोर्टल का फायदा
इस पहल से जिला स्तर पर निवारक पुलिसिंग में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही आएगी। इस सिस्टम के तहत, जब किसी पुलिस स्टेशन में ऐसे किसी विवाद से संबंधित जनरल डायरी (GD) एंट्री दर्ज की जाती है, तो मामला तुरंत पाबंदी पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। सवालों के एक निर्धारित सेट के जवाबों के आधार पर पोर्टल, हर मामले को अपने आप उच्च, मध्यम या निम्न श्रेणी में बांट देता है। यह वैज्ञानिक श्रेणीकरण-आधारित वर्गीकरण सुनिश्चित करता है कि छोटी-मोटी घटनाओं पर भी उचित ध्यान दिया जाए और वरिष्ठ अधिकारी पूरे जिले में मामलों की रियल टाइम में बारीकी से निगरानी 'कर सकें।
एआई द्वारा संचालित है पाबंदी पोर्टल
पाबंदी पोर्टल का बैकएंड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा संचालित है, जो निवारक पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया को काफी सरल और तेज़ बनाता है। एआई (AI) सहायता प्राप्त विश्लोषण जोखिम स्तरों की पहचान करने, बार-बार अपराध करने वालों को ट्रैक करने और समय पर फॉलो-अप सुनिश्चित करने में मदद करता है। जिसे मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होती है और मानवीय त्रुटि न्यूनतम होती है।
कानूनी प्रक्रिया में डिजिटल हस्तक्षेप
ईस डिजिटल हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप, जिले में निवारक पुलिसिंग अधिक सक्रिय, व्यवस्थित और डेटा-संचालित होगी। यह पोर्टल, बरिष्ठ अधिकारियों को रुझानों की समीक्षा करने, अनुपालन की निगरानी करने और विवादों को बढ़ने से रोकने तथा सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए समय पर निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।
5 हज़ार से ज्यादा मामलों की निगरानी
अब तक, पूरे जिले में 5 हज़ार से ज्यादा निवारक कार्रवाई मामलों की पाबंदी पोर्टल के माध्यम से सक्रिय रूप से समीक्षा और निगरानी की जा रही है। यह सिस्टम आधुनिक, तकनीकी-सक्षम पुलिसिं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जो बेहतर कानून-व्यवस्था प्रबंधन और पुलिस प्रशासन में जनता के बढ़ते विश्वास में योगदान देगा। चंदौली जिले में पाबंदी पोर्टल का कार्यान्वयन, प्रभावी निवारक कानून प्रवर्तन के लिए डिजिटल नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग में एक पहल है।





