UPDATE CHANDAULI NEWS: चंदौली के डीडीयू RPF ने 6 नाबालिग बच्चों को डीडीयू स्टेशन से रेस्क्यू किया है। एक तस्कर को अरेस्ट किया गया है, जो बच्चों को बाल मजदूरी के लिए ले जा रहा था।
भारतीय रेल के जरिये नावालिग बच्चों की तस्करी बदस्तूर जारी है। बच्चों को एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश, बाल मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा है। उधर, डीडीयू आरपीएफ की टीम तस्करों के मनसूबों को नाकाम करने में लगी हुई है। ताजा मामला एशिया के सबसे बड़े जंक्शनों में शुमार डीडीयू जंक्शन से है जहां आरपीएफ के जवानों ने स्टेशन से कुल 6 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है। मौके से जवानों ने एक तस्कर को अरेस्ट किया है, जो बच्चों को बाल मजदूरी करवाने के लिए ले जा रहा था। आरपीएफ की टीम ने सभी नाबालिग बच्चों को आगे की कार्रवाई के लिए चाइल्ड हेल्प डेस्क को सुपुर्द कर दिया। वहीं पकड़े गए तस्कर को मुग़लसराय कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया।
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RPF ने 6 नाबालिगों को किया रेस्क्यू
दरसअल, मंगलवार को आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में जवानों द्वारा डीडीयू स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। साथ मे बचपन बचाओ आंदोलन की टीम, चाइल्ड हेल्प डेस्क और सीआईबी टीम भी चेकिंग में लगी हुई थी। चेकिंग के दौरान संयुक्त टीम को मुखबीर से सूचना मिली कि डीडीयू स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 3/4 पर 4 नाबालिग बच्चियां और 02 नाबालिक बच्चें डरे सहमें हालत में है। सूचना पर संयुक्त टीम ने मौके पर चेक किया। टीम ने देखा कि 6 नाबालिग बच्चों के साथ एक संदिग्ध व्यक्ति भी है।
जवानों ने किया पूछताछ
आरपीएफ की टीम ने मौके पर पूछताछ किया तो मामला प्रथम दृष्ट्या बाल मजदूरी का पाया गया। आरपीएफ की टीम द्वारा उक्त व्यक्ति और बच्चों को लेकर डीडीयू पोस्ट लाया गया और गहनता से पूछताछ की गई। पूछताछ में नाबालिग बच्चों ने अपना नाम व पता क्रमशः सुमंती कुमारी 16 वर्ष, रानी कुमारी 17 वर्ष, मुस्कान कुमारी 17 वर्ष, शकुंतला कुमारी उम्र 17 वर्ष, राहुल भुइयां 17 वर्ष और मोनू कुमार उम्र 17 वर्ष बताया। सभी नाबालिग झारखंड निवासी बताया गया है।
काम करवाने ले जा रहा था फैक्ट्री
काउंसिलिंग के दौरान नाबालिग बच्चों ने बताया कि उनको ले जाने वाले व्यक्ति का नाम कृष्णा कुमार चौधरी, निवासी जिला लातेहार, झारखंड है। नाबालिगों ने बताया कि उनको राजकोट, गुजरात स्थित आइसक्रीम कंपनी में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा है, जहां 12 घंटे काम के बदले 13 हज़ार रुपए देने की बात बताई गई है।
नाबालिगों के मां-बाप को दिया था पैसा
पूछताछ में आरोपी कृष्णा कुमार ने बताया कि इन सभी 6 नाबालिग बच्चों को वह अपने खर्च पर टिकट कराकर, खिला पिलाकर राजकोट बाल मजदूरी करवाने हेतु ले जा रहा था। जिसके लिए उसने सभी बच्चों के मां-बाप को एक से डेढ़ हजार रुपए दिए है।
आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक ने दी जानकारी
इस बाबत आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि नाबालिक बच्चों के परिजनों से भी समन्वय कर आवश्यक जांच पड़ताल किया गया है। उन्होंने बताया कि मामला बाल मजदूरी से संबंधित पाते हुए पकड़े गए व्यक्ति को आगे की कार्रवाई के लिए मुग़लसराय पुलिस के हवाले किया गया। रेस्क्यू किए गए सभी नाबालिग बच्चों को सुरक्षित चाइल्ड हेल्प डेस्क को सुपुर्द किया गया है।





