UPDATE CHANDAULI NEWS: बदमाशों ने पहले कूटरचित तरीके से रिटायर्ड कर्मी के बैंक खाते का एटीएम बनाया और फिर बाद में 17 लाख रुपये निकाल लिए। मामले में पुलिस ने 2 लोगों को अरेस्ट किया है।
जनपद चंदौली के धानापुर पुलिस टीम को अपराधियों की धड़-पकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने कार्यवाही करते हुए ऐसे दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है जिनपर रिटायर्ड कर्मी के खाते से फर्जी तरीके से 17 लाख रुपये निकालने का आरोप है। फिलहाल पुलिस अभियुक्तों से पूछताछ करने सहित आगे की कार्रवाई में जुटी है।
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रिटायरमेंट में प्राप्त 17 लाख उड़ाये
जानकारी के अनुसार जिले के धानापुर थानाक्षेत्र अंतर्गत हिगुतरगढ़ निवासी इन्द्रजीत को, रिटायरमेंट के बाद बैंक खाते में 17 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। जिसके बाद उनके बैंक खाते से सारा पैसा किसी ने निकाल लिया। रिटायर्ड कर्मी इंद्रजीत ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया की किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा कूटरचित व बेईमानी से उनके नाम पर एटीएम लेकर खाते में से करीब 17 लाख रूपये निकाला गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और छानबीन शुरू की।
छानबीन में कुछ नाम आया सामने
उक्त मुकदमें से सम्बन्धित सभी तथ्यों पर जांच की जा रही थी। पुलिस, पीड़ित के खाते से संबंधित सारी जानकारी जैसे बैंक स्टेटमेंट, कैफ सीडीआर आदि का विश्लेषण व विवेचनात्मक कार्यवाही में जुटी रही। विवेचना के दौरान धानापुर निवासी रविकांत और सकलडीहा क्षेत्र निवासी नितिन कुमार दिव्यांत का नाम सामने आया। पुलिस ने दोनों को थाने पर तलब किया। जहां पर दोनों से पूछताछ की गई। पहले तो दोनों ने पुलिस द्वारा पूछे गए सवालों पर आनाकानी करने सहित आरोपों से इनकार किया। पुलिस द्वारा इलेक्ट्रानिक साक्ष्य दिखाने के बाद दोनों ने सारी बाते उगल दी।
रविकांत से पुलिस की पूछताछ
पुलिस के अनुसार पूछताछ में रविकांत ने बताया कि बीते 1 दिसंबर 2021 को उसने लोकुवा गांव निवासी सिम विक्रेता मनतेरस कुमार से एक सिम खरीदा था। उसने कुछ दिनों तक सिम का इस्तेमाल किया। इसी बीच सिम विक्रेता मनतेरस ने उसे कमाई करने का एक प्रोपोजल दिया। मनतेरस ने बताया कि उसके पड़ोसी गांव में रहने वाला वीरेंद्र कुमार, एसबीआई बैंक में क्रेडिट कार्ड बनाने का काम करता है। वीरेंद्र ने एक सिम कार्ड मांगा है, जिसका वह अपने तरीके से प्रयोग कर धन अर्जित करेगा। मनतेरस ने रविकांत को लालच दिया कि अगर वह अपना सिम कार्ड वीरेंद्र को दे देता है तो इसमें वीरेंद्र द्वारा अर्जित किये गए धन में दोनों का हिस्सा रहेगा। रविकांत ने बताया कि उसने अपना सिम मनतेरस को दे दिया और बदले में मनतेरस ने उसे तत्काल 2000 रूपये दिए।
नितिन से पुलिस की पूछताछ
वहीं पुलिस ने दूसरे संदिग्ध नितिन कुमार दिव्यांत ने पूछताछ की। नितिन ने बताया कि उसका ननिहाल सकलडीहा क्षेत्र अंतर्गत टीकापुर गांव में है। उसी के पड़ोस में विरेन्द्र कुमार उर्फ बुल्लू का घर है, जो क्रेडिट कार्ड बनाने का काम करता है।नितिन ने बताया कि वीरेंद्र ने उस एक डेबिट कार्ड एटीएम दिया, जिस पर इन्द्रजीत लिखा हुआ था। वीरेन्द्र ने उसे बताया कि उक्त एटीएम में करीब 17 लाख रुपये है। नितिन के अनुसार वीरेंद्र ने आगे उसे बताया कि उसने बड़ी चालाकी और बेईमानी से इंद्रजीत के खाते में कूटरचित कर मोबाईल नम्बर को बदल दिया है तथा उसके पास मौजूद सिम (जो रविकांत से लिया था) का नंबर रजिस्टर्ड करवा दिया है।
40 परसेंट पैसा देने का ऑफर
नितिन ने बताया कि वीरेंद्र ने उसे एटीएम से पैसे निकालने की बात कही और 40 परसेंट देने का लालच दिया। नितिन ने आगे बताया कि वह लालच में आ गया और उसने चंदौली के सकलडीहा, मुगलसराय, बलुआ, वाराणसी के साथ-साथ राजस्थान और पश्चिम बंगाल के कई जगहों से एटीएम का इस्तेमाल कर प्रतिदिन की लिमिट 40 हज़ार के हिसाब से चार महीने तक पैसे निकाले। पुलिस के अनुसार नितिन ने निकाले गए रुपयों को कुछ कैश के रूप में व कुछ अकाऊंट में विरेन्द्र कुमार उर्फ बुल्लू को दिया। जिसमें विरेन्द्र के बडे भाई, विरेन्द्र की पत्नी व उसके पिता का बैंक खाता शामिल था।
नितिन ने आगे बताया कि इस काम के लिये उसे लगभग तीन लाख, साठ हजार रूपये मिले थे। जिसे उसने डीएलडब्ल्यू वाराणसी से कैश के माध्यम से अपने एसबीआई बैंक के खाते में जमा किया था। जिसका उपभोग वह अपने भोग विलास, खाने-पीने, मौज में व होण्डा एक्टिवा स्कूटी, फ्रिज आदि जरूरत का सामान खरीदने में तथा पत्नी के इलाज में खर्च कर दिया। बताया, बाकी सारा पैसा विरेन्द्र कुमार ने लिया था।
पुलिस ने दोनों को किया अरेस्ट
पूछताछ व मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने अभियुक्त रविकान्त व नितिन कुमार दिव्यांत को उनके अपराध का बोध कराते हुए कारण गिरफ्तारी बताकर हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा बताया गया कि अभियुक्तों के विरुद्ध आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।